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Monday, October 11, 2021

AMBIYA O RASOOL HADEES IN HINDI अम्बिया व रसूल

AMBIYA O RASOOL HADEES IN HINDI अम्बिया व रसूल

 AMBIYA O RASOOL

अम्बिया व रुसुल 


AMBIYA O RASOOL IN HINDI अम्बिया व रुसुल
AMBIYA O RASOOL IN HINDI अम्बिया व रुसुल 












अल्लाह (ALLAH) तआला ने इंसान व जिन्नात( jinnat) को अपनी इबादत के लिए पैदा फरमाया जैसा कि अल्लाह तआला ने अपने पाक(PAK) कलाम में फरमाया, "मैंने जिन्नात(jinnat) और इंसानों को महज इसलिए पैदा किया है कि वह सिर्फ मेरी इबादत करें।" (सूरह जारियात 56)  AL-QURAN (SURAH JARIYAT 56) 



अब सवाल पैदा होता 
है कि(ibadat kya hai) इबादत क्या है? किस तरह की जाए? इसका क्या तरीका होना चाहिए? इसी के लिए अल्ला(ALLAH) तआला अपने बन्दों में से बाज़ बन्दों को मुंतखब फरमा कर उनको वही के ज़रिया अहकामात भेजता है कि क्या काम करने ज़रूरी हैं? क्या काम किए जा सकते हैं ? और किन कामों से बचना है? गरज़ ये कि वही के ज़रिया ज़िन्दगी गुज़ारने का तरीका बयान किया जाता है, इसी नाम इबादत है। इन मुंतखब बन्दों को जो वक्त के इमाम, इल्म व अमल के पैकर और तक़वा के अलमबरदार होते हैं, नबी या रसूल कहा जाता है, जिन की ज़िम्मेदारी अल्लाह के बन्दों को अपने कौल व अमल से अल्लाह तआला की तरफ बुलाना होती है।



इन अम्बिया व रसूलों के वाक़यात 
पढ़ने चाहिएं जैसा कि हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम के वाकया को कदरे तफसील से बयान करने के बाद अल्लाह तआला ने इरशाद फरमाया "अम्बिया-ए-किराम के वाकयात में अकलमंदों के लिए यक़ीनन नसीहत और इबरत है।" (सूरह यूसुफ 111) (AL-QURAN (SURAH YUSUF 111) 



नबी और रसूल में क्या फर्क है? उसकी तशरीह में उलमा के बहुत से रायें और अक़वाल हैं लेकिन तमाम मुफस्सेरीन व मुफक्केरीन और उलमा इस बात पर मुत्तफिक़ हैं कि कुरान व हदीस में दोनों लफ्ज़ एक दूसरे के लिए इस्तेमाल हुए हैं अलबत्ता नबी आम है और रसूल खास है।


नबियों और रसूलों का यह सिलसिला हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से शुरू हुआ और नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर खत्म हुआ, गरज़ ये कि नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रसूल होने के साथ साथ आखरी नबी भी हैं जैसा कि अल्लाह तआला ने इरशाद फरमाया "और लेकिन अल्लाह के रसूल और वह नबियों के खातिम हैं।" (सूरह अहजाब 40) (AL-QURAN (SURAH AHJAB 40)






हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से लेकर हुजूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक आने वाले अम्बिया व रुसुल की मुअय्यन तादाद तो अल्लाह तआला के सिवा कोई नहीं जानता जैसा कि अल्लाह तआला ने कुरान करीम में फरमाया "आपसे पहले के बहुत से रसूलों के वाक़यात हमने आपसे बयान किए हैं और बहुत से रसूलों के नहीं बयान किए।" (सूरह निसा 164)



लेकिन फिर भी आप 
हज़रत अबूजर गिफारी रज़ियल्लाहु अन्हु की मशहूर व मारूफ हदीस जिसमें उनके सवाल करने पर नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया नबियों की कुल तादाद तकरीबन एक लाख 24 हज़ार और रसूलों की कुल तादाद 315/313 है। (सही इब्ने हिब्बान) 



की बुनियाद पर लिखा गया है कि अम्बिया किराम की तादाद सहाबए किराम की तादाद की तरह तकरीबन एक लाख 24 हज़ार थी (वल्लाहु आलम बिस सवाब)। इस रिवायत की सनद में बाज़ उलमा के नुक्ता-ए-नज़र में अगरचे कुछ जोफ मौजूद है मगर बहुत से शवाहिद की बिना पर तारिखी हैसियत से यह हदीस कबूल की गई है।


जिन नबियों और रसूलों का तजकिरा कुरान करीम में आया है उनकी तादाद 25 है, उनमें से 18 का ज़िक्र तो कुरान करीम (सूरह इनाम 83-86) में एक ही जगह पर है। जिन 25 अम्बिया का ज़िक्र कुरान करीम में आया है उनके नाम यह हैं। 



(1) आदम अलैहिस्सलाम (2) इदरीस अलैहिस्सलाम (3) नूह अलैहिस्सलाम (4) हूद अलैहिस्सलाम (5) सालेह अलैहिस्सलाम (6) इब्राहिम अलैहिस्सलाम (7) लूत अलैहिस्सलाम (8) इसमाइल अलैहिस्सलाम (9) इसहाक अलैहिस्सलाम (10) याकूब अलैहिस्सलाम (11) यूनूस अलैहिस्सलाम (12) अय्यूब अलैहिस्सलाम (13) शुऐब अलैहिस्सलाम (14) मूसा अलैहिस्सलाम (15) हारून अलैहिस्सलाम (16) यूनुस अलैहिस्सलाम (17) दाउद अलैहिस्सलाम (18) सुलैमान अलैहिस्सलाम (19) इलयास अलैहिस्सलाम (20) अलयसा अलैहिस्सलाम (21) जकरिया अलैहिस्सलाम (22) यहया अलैहिस्सलाम (23) जुल किफल अलैहिस्सलाम अक्सर मुफस्सेरीन के नज़दीक) (24) ईसा अलैहिस्सलाम (25) हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। हज़रत उर्जेर अलैहिस्सलाम का ज़िक्र कुरान में (सूरह तौबा 30) (AL-QURAN (SURAH TAUBA 30) में आया है



लेकिन उनके नबी होने में इस्तेलाफ है। उन 25 अम्बिया-एकिराम के अलावा उन तीन अम्बिया का जिक्र अहादीस में आया हैं

(1) शीश अलैहिस्सलाम (2) यूशा अलैहिस्सलाम अलैहिस्सलाम (इनके नबी होने में इस्तेलाफ है) 


उन अम्बिया में पांच नबी एक ही घराने से तअल्लुक रखते हैं, हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम, इब्राहिम अलैहिस्सलाम के बेटे हज़रत इसहाक अलैहिस्सलाम इसहाक अलैहिस्सलाम के बेटे हज़रत याकूब (3) खिजर अलैहिस्सलाम, याकूब अलैहिस्सलाम के बेटे हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम और इब्राहिम अलैहिस्सलाम के भतीजे हज़रत लूत अलैहिस्सलाम।









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